नई दिल्ली/रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों को लेकर भाजपा ने कांग्रेस और झामुमो सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। दिल्ली के मकर द्वार के सामने आयोजित विरोध प्रदर्शन में झारखंड भाजपा के सांसदों ने कांग्रेस पर छात्रों और युवाओं के मुद्दे पर “दोहरा मापदंड” अपनाने का आरोप लगाया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस दिल्ली में छात्रों के हितों की बात करती है, लेकिन झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल और अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, फिर भी कांग्रेस नेतृत्व इस पर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपना रहा।
आदित्य साहू ने उत्पाद सिपाही भर्ती प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि भर्ती दौड़ के दौरान कई अभ्यर्थियों की जान चली गई, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने राज्य सरकार से मृतक अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई।
भाजपा ने इस दौरान झारखंड में पिछले छह वर्षों में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई। पार्टी का कहना है कि केवल सीबीआई जांच से ही भर्ती प्रक्रियाओं में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की सच्चाई सामने आ सकती है।
साहू ने कांग्रेस नेतृत्व से झारखंड आकर युवाओं के सवालों का सामना करने की अपील करते हुए कहा कि यदि पार्टी वास्तव में छात्रों और बेरोजगार युवाओं के प्रति गंभीर है तो उसे राज्य सरकार से जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को झारखंड में अपनी सहयोगी सरकार की कार्यप्रणाली पर भी उतनी ही मुखरता दिखानी चाहिए, जितनी वह अन्य राज्यों के मामलों में दिखाती है।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसदों और कार्यकर्ताओं ने भर्ती परीक्षा घोटालों की जांच, युवाओं के हितों की सुरक्षा और राज्य सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। कार्यक्रम में कई सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहे।