रांची: रांची सिविल कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के 24 साल पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में ट्रायल फेस कर रहीं रजनी अग्रवाल को दोषी करार देते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2002 में सीबीआई द्वारा दर्ज RC 10/2002 से जुड़ा है। मामले के मुख्य आरोपी शंकर कुमार अग्रवाल सरकारी कर्मचारी थे। आरोप था कि उन्होंने वर्ष 1987 से 2002 के बीच अपनी ज्ञात आय से करीब 193 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। ट्रायल के दौरान मुख्य आरोपी शंकर कुमार अग्रवाल की मृत्यु हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी रजनी अग्रवाल के खिलाफ मामले की सुनवाई जारी रही। अदालत ने उन्हें अर्जित आय से अधिक संपत्ति का लाभुक मानते हुए प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13(1) के तहत दोषी ठहराया। मामले में सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक खुशबू जायसवाल ने अदालत के समक्ष एजेंसी का पक्ष रखा। करीब 24 वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब इस मामले में अदालत का फैसला आया है।