जाति प्रमाण पत्र की गलती पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, चंचला कुमारी की JPSC नियुक्ति का रास्ता साफ

Mahak Kumari
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now
YouTube Channel Subscribe

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने जाति प्रमाण पत्र में हुई प्रशासनिक गलती को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी की गलती का नुकसान योग्य उम्मीदवार को नहीं उठाना पड़ सकता। अदालत ने JPSC को चंचला कुमारी की 7वीं से 10वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2021 में SC वर्ग के तहत उम्मीदवारी पर दोबारा विचार कर नियुक्ति की अनुशंसा करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की एकल पीठ में हुई। कोर्ट ने JPSC को आठ सप्ताह के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है। इसके बाद आयोग की अनुशंसा मिलने के चार सप्ताह के अंदर राज्य सरकार को नियुक्ति पत्र जारी करना होगा।

कटऑफ से अधिक अंक के बावजूद रुका था चयन

चंचला कुमारी ने JPSC की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2021 में SC वर्ग के तहत आवेदन किया था। उन्होंने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों में सफलता हासिल की। मुख्य परीक्षा में उन्हें 590 अंक मिले, जबकि SC वर्ग का कटऑफ 583 अंक था। इसके बावजूद 31 मई 2022 को जारी अंतिम परिणाम में उनका चयन रोक दिया गया। JPSC ने इसके पीछे जाति प्रमाण पत्र में पिता के नाम की जगह पति का नाम दर्ज होने को आधार बनाया था।

कोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारी की गलती माना

चंचला कुमारी की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने 4 जनवरी 2019 को जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। कोडरमा एसडीओ कार्यालय से प्रमाण पत्र जारी करते समय अधिकारी ने पिता के स्थान पर पति का नाम दर्ज कर दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि उम्मीदवार की जाति और निवास को लेकर कोई विवाद नहीं है। प्रमाण पत्र में पति का नाम दर्ज होना प्रशासनिक अधिकारी की गलती थी। ऐसे में केवल इस तकनीकी त्रुटि के आधार पर अधिक अंक हासिल करने वाली योग्य उम्मीदवार को नियुक्ति से वंचित करना उचित नहीं है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब चंचला कुमारी की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *