रांची: राज्य सरकार की ओर से JPSC-JSSC की 22 परीक्षाओं को रद्द किए जाने के फैसले के बाद अब सिविल जज परीक्षा भी कानूनी चुनौती के घेरे में आ गई है। सरकार के निर्णय से प्रभावित अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राहुल सिंह, श्वेताभ पांडेय समेत करीब एक दर्जन अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सिविल जज परीक्षा रद्द करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी है। याचिका में सरकार के उस आदेश को निरस्त करने की मांग की गई है, जिसके तहत सिविल जज परीक्षा को रद्द किया गया है।
जल्द सुनवाई के लिए कोर्ट से किया जाएगा आग्रह
बताया जा रहा है कि यह मामला हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दीपक रौशन की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो सकता है। याचिकाकर्ताओं की ओर से मामले में जल्द सुनवाई की मांग को लेकर कोर्ट से आग्रह किए जाने की संभावना है। सिविल जज परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ दायर इस याचिका पर हाईकोर्ट का रुख अब महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले भी JPSC और JSSC की परीक्षाओं से जुड़े फैसलों को लेकर अभ्यर्थी और सरकार आमने-सामने आ चुके हैं। सरकार के फैसले के बाद लगातार अलग-अलग परीक्षाओं को लेकर कानूनी चुनौती सामने आने से भर्ती परीक्षाओं का मामला एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच गया है।