Ranchi: झारखंड के जमशेदपुर में करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने को गंभीर मानते हुए पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के एसएसपी पीयूष पांडे और सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध करने का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई विधि-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित नहीं कर पाने के कारण की गई है। उल्लेखनीय है कि दोनों अधिकारी पति-पत्नी हैं।
अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
मुख्यमंत्री ने चाईबासा के आयुक्त और रांची के एडीजी को कोल्हान क्षेत्र में लगातार कैंप कर प्रतिदिन स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। वहीं, डीआईजी कोल्हान को जमशेदपुर में रहकर कानून-व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य में जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या जवाबदेही से बचने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद मचा था बवाल
गौरतलब है कि बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित एक बार के बाहर करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की पुलिस की मौजूदगी में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद शहर में भारी तनाव फैल गया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव किया और कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए।
इस हत्याकांड ने पुलिस की कार्यशैली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मामले में पहले ही बिष्टुपुर थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
घटना के बाद राज्य की राजनीति भी गर्मा गई। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सहित विपक्ष के कई नेताओं ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाया। विपक्ष ने कहा कि लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं यह साबित करती हैं कि अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष विनय सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से जमशेदपुर समेत पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
राज्य सरकार की इस कार्रवाई को अपराध पर सख्त संदेश देने और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।