रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर बढ़ते विवाद और अभ्यर्थियों के आक्रोश के बीच झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। पार्टी के केंद्रीय नेता देवेंद्र नाथ महतो शनिवार से रांची के मोराबादी स्थित बापू वाटिका में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठ गए हैं। सुबह 11 बजे शुरू हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र और युवा शामिल हो रहे हैं।
भर्ती प्रक्रियाओं पर उठे सवाल
JLKM का आरोप है कि राज्य में आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं, विशेषकर JPSC और JSSC-CGL में लगातार अनियमितताओं, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोप सामने आते रहे हैं। संगठन का कहना है कि इन घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों के विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है और युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है।
पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग
सत्याग्रह के जरिए JLKM ने सरकार और भर्ती आयोगों से जवाबदेही तय करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिल सके। साथ ही भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
युवाओं को आंदोलन से जोड़ने की कोशिश
सत्याग्रह स्थल से देवेंद्र नाथ महतो ने राज्य के युवाओं और प्रतियोगी छात्रों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह किसी एक दल या संगठन का मुद्दा नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और सम्मान से जुड़ा सवाल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
राजनीतिक और छात्र आंदोलन का रूप ले सकता है मुद्दा
राज्य में पहले से ही भर्ती परीक्षाओं को लेकर असंतोष का माहौल बना हुआ है। ऐसे में JLKM का यह अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आने वाले दिनों में एक बड़े छात्र और जनआंदोलन का रूप ले सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि युवाओं का समर्थन बढ़ता है तो भर्ती घोटालों और परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर सरकार पर दबाव भी बढ़ सकता है।