Ranchi: झारखंड की जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदियों को रखा जा रहा है, जिससे व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है। राज्य की कुल 32 जेलों की क्षमता 17,681 कैदियों की है, जिनमें 16,725 पुरुष और 946 महिला कैदियों के लिए जगह निर्धारित है। इसके विपरीत वर्तमान में 18,862 कैदी बंद हैं, जिनमें 18,054 पुरुष और 808 महिला कैदी शामिल हैं।
राज्य में कुल 32 जेल हैं, जिनमें सात सेंट्रल जेल, 16 डिस्ट्रिक्ट जेल, सात उपकारा, एक बाल सुधार गृह और एक ओपन जेल शामिल है। इनमें से 4,735 कैदी सजायाफ्ता हैं, जबकि बाकी अंडर ट्रायल हैं।
सेंट्रल जेलों की बात करें तो उनकी कुल क्षमता 10,137 कैदियों की है, लेकिन यहां 10,695 कैदी बंद हैं। वहीं, डिस्ट्रिक्ट जेलों की स्थिति और भी चिंताजनक है—17 जेलों की क्षमता 4,976 है, जबकि 6,636 कैदी रखे गए हैं। हालांकि उपकाराओं में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, जहां 2,358 की क्षमता के मुकाबले 1,463 कैदी ही बंद हैं।
इस बीच, महिला कैदियों के लिए अलग जेल बनाने की दिशा में सरकार ने पहल तेज कर दी है। सभी जिलों से महिला बंदियों की संख्या और उनकी सुविधाओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। यह कदम झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उठाया गया है, जिसमें महिला कैदियों के लिए अलग जेल की आवश्यकता पर चिंता जताई गई थी।