हाईकोर्ट के फैसले के बाद झारखंड सरकार ने बदला निर्णय, 7 साल पहले बर्खास्त अभियंता की हुई बहाली

Mahak Kumari
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now
YouTube Channel Subscribe

Ranchi: झारखंड सरकार ने सात वर्ष पहले सेवा से हटाए गए पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सुशील कुमार को दोबारा बहाल करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट के आदेश और राज्य मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद की गई है।

सुशील कुमार पर वर्ष 2006-07 में लोहरदगा में पदस्थापन के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत फतेहपुर-टियमु सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने का आरोप लगा था। उन पर ठेकेदार के साथ मिलकर 1.26 करोड़ रुपये के गबन और वास्तविक कार्य से अधिक भुगतान दर्शाने के आरोप भी लगाए गए थे। इसके अलावा, रांची नगर निगम में पदस्थापन के दौरान भवन मानचित्र स्वीकृति के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत भी उनके खिलाफ दर्ज हुई थी।

इन आरोपों के आधार पर राज्य सरकार ने मार्च 2019 में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था। उल्लेखनीय है कि उनकी सेवानिवृत्ति में उस समय केवल कुछ महीने ही शेष थे।

हालांकि, बर्खास्तगी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। अदालत ने पाया कि मामले में न तो मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए और न ही संबंधित दस्तावेजों के लेखकों की गवाही कराई गई। इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत मानते हुए हाईकोर्ट ने वर्ष 2019 के बर्खास्तगी आदेश को निरस्त कर दिया।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सुशील कुमार को उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि से पूर्व सेवा में बहाल माना जाए और उन्हें पेंशन सहित सभी परिणामी लाभ प्रदान किए जाएं। हाईकोर्ट के इसी आदेश के अनुपालन में झारखंड सरकार ने अब उनकी बहाली की अधिसूचना जारी कर दी है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *