रांची: की CBI की विशेष अदालत ने बहुचर्चित फर्जी बिटुमेन (अलकतरा) इनवॉइस घोटाले में शनिवार को अहम फैसला सुनाया। CBI के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार ने आरोपी दिलीप कुमार सिंह को दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी कहा कि यदि जुर्माने की राशि जमा नहीं की जाती है तो दोषी को 4 महीने की अतिरिक्त साधारण कैद काटनी होगी।
वहीं, इस मामले के दूसरे आरोपी सुरेश शर्मा को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया।
यह मामला वर्ष 2010 का है। CBI ने RC-03(A)/2010-R के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने 47 फर्जी बिटुमेन इनवॉइस के जरिए लगभग 607.39 मीट्रिक टन बिटुमेन का गबन किया था। इस घोटाले से सरकार को करीब 2.08 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था।
मामले में कुल चार लोगों को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान पवन कुमार सिंह और अनिल कुमार वर्मा के निधन के कारण उनके खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया पहले ही समाप्त हो चुकी थी।
CBI की ओर से लोक अभियोजक खुशबू जायसवाल ने अदालत में अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दिलीप कुमार सिंह को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई, जबकि सुरेश शर्मा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।