साँसें हो रही कम, आओ वृक्ष लगायें हम’ : दीदी नीलम आनंद के 74वें जन्मदिवस पर शिव शिष्यों ने किया वृक्षारोपण

Mahak Kumari
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now
YouTube Channel Subscribe

रांची: दीदी नीलम आनंद जी के 74वें जन्मदिवस के अवसर पर शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फाउंडेशन, रांची के तत्वावधान में एचईसी धुर्वा परिसर में व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिव शिष्य एवं शिष्याओं ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती बरखा आनंद ने कहा कि वन और वृक्ष मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, औद्योगीकरण, शहरीकरण और विकास कार्यों के कारण वनों का लगातार विनाश हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़, सूखा, भू-स्खलन, अतिवृष्टि और अनावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने लोगों से केवल वृक्षारोपण का संकल्प लेने तक सीमित न रहकर इसे व्यवहार में उतारने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन के मुख्य सलाहकार अर्चित आनंद ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फाउंडेशन के माध्यम से अब तक पूरे देश में एक करोड़ से अधिक वृक्ष लगाए जा चुके हैं और यह अभियान लगातार जारी है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में वनों का क्षेत्रफल 79.42 मिलियन हेक्टेयर है, जो देश के कुल भू-भाग का 24.16 प्रतिशत है। वहीं झारखंड में वनों का क्षेत्रफल 23,605 वर्ग किलोमीटर है, जो राज्य के कुल भू-भाग का 26.61 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में किसी भी क्षेत्र का कम से कम 33.33 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित होना चाहिए, जबकि झारखंड में यह लक्ष्य अभी भी लगभग 3.50 प्रतिशत कम है।

अर्चित आनंद ने कहा कि केवल वृक्ष लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। वृक्षों के संरक्षण से प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में शिव शिष्य एवं शिष्याएं उपस्थित रहे।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *