रांची: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर SIR प्रक्रिया को प्रभावित करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अधिकारियों को निष्पक्ष प्रशासनिक अधिकारी के बजाय झामुमो-कांग्रेस का पोलिंग एजेंट बनाकर रख दिया है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में आदित्य साहू ने कहा कि संथाल परगना के साहिबगंज, राजमहल और पाकुड़ क्षेत्रों में मतदाता सूची में उम्र और दस्तावेजों से जुड़ी कई विसंगतियां सामने आ रही हैं। उन्होंने इन संवेदनशील इलाकों में मतदाता सूची के शत-प्रतिशत सत्यापन की मांग की।
फर्जी दस्तावेजों से नाम जोड़ने का आरोप
आदित्य साहू ने पाकुड़ के बरहरवा क्षेत्र का हवाला देते हुए कहा कि कथित फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने के प्रयास का मामला सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि आहुत गांव में चार अपात्र लोगों और एक कॉमन सर्विस सेंटर संचालक के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मतदाता सूची में उम्र संबंधी गड़बड़ियों का दावा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने साहिबगंज और राजमहल की मतदाता सूची में भी गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाया। उन्होंने कुछ बूथों पर 2019 और बाद की मतदाता सूचियों में मतदाताओं की संख्या में असामान्य वृद्धि तथा पिता-पुत्र और दादा-पोते की उम्र में कथित तौर पर बेहद कम अंतर होने का दावा किया।
अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव का आरोप
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झामुमो-कांग्रेस की बैठकों में प्रशासनिक अधिकारियों, BDO और CDPO को शामिल कर मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष तरीके से काम करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि नियमों के विरुद्ध काम करने वालों पर कार्रवाई हो सकती है।
जरूरत पड़ी तो कोर्ट जाएगी भाजपा
भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी SIR प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर भाजपा इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी। वहीं, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने भी मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की मांग की। उन्होंने ऑफलाइन प्रमाण पत्र बनाने की छूट पर सवाल उठाते हुए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रेसवार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह और प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश सिंह भी मौजूद रहे।