रांची: Amba Prasad ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार और NTA की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) लगातार विवादों और घोटालों में घिरी हुई है, जिससे देशभर के छात्र आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं।
अंबा प्रसाद ने कहा कि एक परीक्षा आयोजित कराने में करीब 700 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन 23 लाख छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से देश के युवाओं का भरोसा टूट रहा है।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अंबा प्रसाद ने कहा कि अगर समय रहते सुधार नहीं किए गए तो शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये एजेंसियां विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई में सक्रिय रहती हैं, जबकि NTA में कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
अंबा प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट से मामले में स्वतः संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा घोटालों में शामिल दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों को लाइफ इम्प्रिजनमेंट तक की सजा देने पर विचार होना चाहिए।
झारखंड की शिक्षा व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह सीधे तौर पर सिस्टम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर सक्षम पदाधिकारी ही बेहतर जवाब दे सकते हैं।