Ranchi: जिले के नगर थाना में 25 वर्षीय लखन साव के साथ कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। युवक के शरीर पर चोट के निशान और थाना परिसर में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाए जाने की घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पुलिस ने युवक और उसके परिजनों के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए पूरे मामले को नशे की हालत में किए गए हंगामे से जोड़कर बताया है।
लखन साव का आरोप है कि सोमवार शाम वह अपने कुछ दोस्तों के साथ ऑर्बिट होटल के पास खड़ा था। इसी दौरान पुलिस वहां पहुंची और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि पुलिस उसकी बाइक भी उठाकर नगर थाना ले गई। बाइक लेने जब लखन थाना पहुंचा, तो उसके साथ वहां भी कथित तौर पर मारपीट की गई। युवक के मुताबिक, इसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह थाना परिसर में ही गिर पड़ा। बाद में पुलिस उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उसे भर्ती कराया गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद लखन की बहन भी नगर थाना पहुंची और पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों का सवाल है कि अगर युवक ने थाने में सिर्फ हंगामा किया था, तो उसकी तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी और पुलिस को उसे अस्पताल क्यों ले जाना पड़ा?
वहीं, नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह ने युवक के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पुलिस के अनुसार, लखन और उसके साथी नशे का सेवन कर रहे थे। पुलिस को देखकर वे वहां से भागने लगे और इसी दौरान बाइक व मोबाइल मौके पर छूट गए। थाना प्रभारी का दावा है कि बाद में युवक अपने साथियों के साथ थाना पहुंचा और वहां हंगामा करने लगा। पुलिस के मुताबिक युवक डेंड्राइट के नशे में था और उसकी हालत सामान्य नहीं थी। थाना प्रभारी ने किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट किए जाने से इनकार किया है।
इस बीच थाना परिसर में युवक के साथ कथित मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, न्यूज वेव झारखंड इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
फिलहाल मामला युवक और पुलिस के दावों के बीच उलझा हुआ है। पूरे मामले की सच्चाई निष्पक्ष जांच, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज से ही स्पष्ट हो सकती है। नगर थाना परिसर में युवक की तबीयत बिगड़ने और अस्पताल पहुंचाए जाने की घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।