रांची: झारखंड के चर्चित JSSC CGL नियुक्ति फर्जीवाड़ा मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी के परिवार से जुड़ी जमानत याचिकाओं पर फैसला सुनाया है। रांची के अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। मामले में दोनों पक्षों की ओर से पिछली सुनवाई के दौरान अदालत में विस्तृत दलीलें पेश की गई थीं। बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने सुरक्षित फैसले को सुनाते हुए दोनों की जमानत याचिकाएं नामंजूर कर दी हैं।
JSSC CGL नियुक्ति से जुड़े इस मामले में जांच एजेंसियां कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी का नाम भी मामले की जांच में सामने आया है। पत्नी और भाई की जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब मामले की कानूनी कार्रवाई आगे जारी रहेगी। अदालत के इस फैसले को मामले की जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।