रांची: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मुद्दे को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। मंगलवार यानी 8 सितंबर से भाजपा का चार दिवसीय राज्यव्यापी प्रदर्शन शुरू होगा, जो 11 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता राज्य के अलग-अलग जिलों में DC और SP कार्यालयों का घेराव करेंगे। भाजपा ने आंदोलन को लेकर जिलों के अनुसार कार्यक्रम तैयार किया है और वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन की जिम्मेदारी दी गई है।
भाजपा का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की जांच केवल विभागीय स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पार्टी पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग कर रही है, ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।
इसके साथ ही भाजपा ने आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने और कथित परीक्षा घोटाले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का सबसे बड़ा नुकसान राज्य के उन युवाओं को हुआ है, जो वर्षों से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। भाजपा का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना होगा।
चार दिनों तक चलने वाले इस आंदोलन में हर दिन छह जिलों में प्रदर्शन प्रस्तावित है। ऐसे में आने वाले दिनों में जिला मुख्यालयों पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि भाजपा के राज्यव्यापी प्रदर्शन के बाद सरकार की ओर से क्या जवाब आता है और JPSC-JSSC विवाद पर राजनीतिक टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है।