रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश अब बड़े आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के खिलाफ बुधवार को राज्य के सभी जिलों से हजारों छात्र राजधानी रांची पहुंचे। लगातार हो रही बारिश भी युवाओं के हौसले को नहीं रोक सकी और देखते ही देखते राजधानी की सड़कों पर छात्रों का विशाल हुजूम उतर आया।
संविधान और तिरंगे के साथ निकला छात्रों का मार्च
सुबह से ही जयपाल सिंह मुंडा फुटबॉल स्टेडियम परिसर में अभ्यर्थियों का जुटान शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों ने हाथों में तिरंगा और संविधान की प्रतियां लेकर शांतिपूर्ण मार्च निकाला। यह मार्च स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा, जहां हजारों युवाओं ने एक स्वर में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया।प्रदर्शनकारी युवाओं ने कहा कि उनका संघर्ष किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के लिए है। छात्रों का आरोप है कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों ने उनकी मेहनत और विश्वास दोनों को झकझोर दिया है।
14वीं JPSC परीक्षा विवाद बना आंदोलन का केंद्र
हाल ही में आयोजित 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को लेकर उठे विवादों ने छात्रों के असंतोष को और बढ़ा दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित किए बिना युवाओं का भरोसा बहाल नहीं हो सकता। प्रदर्शन में शामिल कई अभ्यर्थियों ने मांग की कि परीक्षा से जुड़े सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कठोर सजा दी जाए। उनका कहना है कि वर्षों की तैयारी के बाद यदि परीक्षा प्रणाली ही सवालों के घेरे में हो तो युवाओं का भविष्य अधर में लटक जाता है।
राजधानी की रफ्तार थमी, कई इलाकों में लगा जाम
छात्रों के भारी जमावड़े का असर राजधानी की यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। कचहरी रोड, अल्बर्ट एक्का चौक, मेन रोड, फिरायालाल चौक, लालपुर और रेडियम रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को कई स्थानों पर रूट डायवर्ट करना पड़ा। वैकल्पिक मार्गों से वाहनों की आवाजाही कराई गई, लेकिन दिनभर कई इलाकों में लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा।
CID जांच के दायरे में कई अहम चेहरे
जेपीएससी परीक्षा विवाद की जांच फिलहाल सीआईडी कर रही है। जांच एजेंसी अब तक कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर भी जांच आगे बढ़ा रही है। वहीं आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से भी लगातार पूछताछ जारी है। जांच की दिशा और उससे निकलने वाले निष्कर्षों पर अब अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हुई हैं। छात्रों का मानना है कि केवल औपचारिक कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे मामले की गहराई से जांच जरूरी है।
‘भर्ती व्यवस्था में सुधार तक आंदोलन जारी रहेगा’
प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाया जाए, ताकि भविष्य में पेपर लीक और अनियमितताओं जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल राजधानी में छात्रों का यह प्रदर्शन राज्य की भर्ती व्यवस्था को लेकर बढ़ते असंतोष का बड़ा संकेत माना जा रहा है।