रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची की ओर से शनिवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना था।
यह आयोजन माननीय न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष झालसा श्री सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, सदस्य सचिव झालसा कुमारी रंजना अस्थाना एवं न्यायायुक्त रांची श्री अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डालसा सचिव इंचार्ज श्री कुशेश्वर शंकु की उपस्थिति रही।
जेल अदालत में कुल 14 बंदियों के आवेदन माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए, जिनमें से एक बंदी को लाभ प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी श्री विजय यादव, एलएडीसी टीम के सदस्य, जेल प्रशासन के अधिकारी, कम्युनिटी पीएलवी, कोर्ट स्टाफ एवं अन्य लोग उपस्थित रहे। मंच संचालन सहायक एलएडीसी श्री बीरेंद्र प्रताप ने किया। उन्होंने बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी दी।
रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि जेल से बाहर निकलने के बाद वे सकारात्मक सोच के साथ रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें। वहीं डालसा सचिव इंचार्ज श्री कुशेश्वर शंकु ने बंदियों को कानूनी सहायता लेने और अपनी समस्याएं एलएडीसी सदस्यों के समक्ष रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान बंदियों को नालसा, झालसा एवं डालसा द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न कानूनी सुविधाओं की जानकारी दी गई। साथ ही जेल परिसर में चिकित्सीय शिविर लगाकर बंदियों के स्वास्थ्य की भी जांच की गई।
इस अवसर पर काराधीक्षक श्री कुमार चंद्रशेखर, कारापाल श्री लवकुश कुमार, एलएडीसी सदस्यगण, काराकर्मी एवं बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित है।