लातेहार: झारखंड में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के खिलाफ लातेहार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर संगठन के जोनल कमांडर मृत्युंजय भुईयां उर्फ फ्रेश भुईयां और उसके सहयोगी बबलू राम को गिरफ्तार कर लिया है। मृत्युंजय भुईयां पर 10 लाख रुपये और बबलू राम पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
लातेहार के एसपी कुमार गौरव ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार नक्सलियों के पास से एक एके-47 राइफल, भारी मात्रा में गोला-बारूद और नकदी बरामद की गई है।
गुप्त सूचना पर की गई घेराबंदी
पुलिस को सूचना मिली थी कि मृत्युंजय भुईयां अपने दस्ते के साथ नेतरहाट, महुआडांड़ और छिपादोहर के जंगलों में छिपा हुआ है। लगातार चल रहे एरिया डोमिनेशन अभियान के कारण नक्सलियों की सप्लाई चेन कमजोर पड़ गई थी और उन्हें राशन की समस्या हो रही थी।
इसी दौरान 12 मार्च को सूचना मिली कि वह छिपादोहर थाना क्षेत्र के हरिणामाड़ गांव में राशन लेने आने वाला है। इसके बाद पुलिस ने विशेष टीम बनाकर गांव की घेराबंदी की और मौके से मृत्युंजय भुईयां और बबलू राम को दबोच लिया।
दो राज्यों में 100 से अधिक मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार मृत्युंजय भुईयां करीब दो दशक से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था। उसके खिलाफ झारखंड और छत्तीसगढ़ में कुल 104 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं बबलू राम के खिलाफ लातेहार, पलामू और गढ़वा जिलों में करीब 15 मामले दर्ज बताए गए हैं।
हथियार और नकदी बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने नक्सलियों के पास से एक एके-47 राइफल, एक मैगजीन, छह जिंदा गोलियां, इंसास राइफल की 15 गोलियां और करीब डेढ़ लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
कई बड़ी वारदातों में रहा शामिल
मृत्युंजय भुईयां कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है। वर्ष 2013 में कटिया जंगल हमले में 10 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। इसी वर्ष मनिका क्षेत्र में तत्कालीन डीजीपी बीडी राम के स्कॉट वाहन पर भी हमला किया गया था। इसके अलावा 2018 में गढ़वा के खपरी महुआ में आईईडी ब्लास्ट में छह पुलिसकर्मियों की मौत और 2014 में रेलवे ट्रैक उड़ाने की घटना में भी उसकी संलिप्तता सामने आई थी।
पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से इलाके में नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और अभियान आगे भी जारी रहेगा।