रांची: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भूमि संरक्षण योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और देरी पर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका सीधा लाभ खेतों और किसानों तक दिखाई देना चाहिए। मंत्री गुरुवार को जेएमटीटीसी भवन में भूमि संरक्षण निदेशालय की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न भूमि संरक्षण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने का निर्देश दिया। शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तालाब, पर्कोलेशन टैंक (PT), डीप बोरिंग और बिरसा पक्का चेक डैम (BPCD) जैसी योजनाओं के लिए स्थल चयन और लाभुक क्षेत्रों की पहचान की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। मंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं की जमीनी निगरानी मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचे।