रांची: JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े मामले में मंगलवार को पूर्व JPSC अध्यक्ष एल ख्यांग्ते, अभय तिवारी और स्वेता गुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी CID की ओर से अदालत के समक्ष करीब 1000 पन्नों की केस डायरी प्रस्तुत की गई।
तीनों आरोपियों की जमानत पर हुई सुनवाई
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी और अनियमितता के मामले में गिरफ्तार एल ख्यांग्ते, अभय तिवारी और स्वेता गुप्ता की ओर से जमानत की मांग की गई है। मंगलवार को इसी याचिका पर अदालत में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के दौरान जांच से जुड़े दस्तावेज भी अदालत के समक्ष रखे गए।
CID ने पेश की 1000 पन्नों की केस डायरी
सुनवाई के दौरान CID ने जांच से संबंधित करीब 1000 पन्नों की केस डायरी अदालत में पेश की। माना जा रहा है कि केस डायरी में परीक्षा प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं, आरोपियों की भूमिका और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों से संबंधित अहम जानकारी शामिल है।
जांच में कई पहलुओं को खंगाल रही CID
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले की जांच CID कर रही है। जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद इस मामले में कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में आई है। अब तीनों आरोपियों की जमानत याचिका पर अदालत का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले में अदालत के अगले आदेश पर सभी की नजरें टिकी हैं। जमानत पर फैसला आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि आरोपियों को राहत मिलती है या उनकी न्यायिक हिरासत आगे भी जारी रहती है।