रांची: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। हालांकि सत्र की अवधि छोटी है, लेकिन इसके राजनीतिक रूप से काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। राज्य में JPSC और JSSC से जुड़े विवाद, छात्रों का आंदोलन और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप इस बार सदन की कार्यवाही पर पूरी तरह हावी रह सकते हैं।
विपक्ष ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि वह JPSC परीक्षा विवाद, पेपर लीक के आरोप, युवाओं के भविष्य, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर चुका है। वहीं सरकार इन आरोपों का जवाब देने के साथ अपनी उपलब्धियां और जनकल्याणकारी योजनाओं को सदन में प्रमुखता से रखने की तैयारी में है।
राजधानी रांची में पिछले कई दिनों से छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे पर तीखी बहस और जोरदार हंगामे की पूरी संभावना है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भले ही मानसून सत्र कुछ दिनों का हो, लेकिन JPSC विवाद इसे राज्य की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में बदल सकता है। सदन के भीतर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखे सवाल-जवाब होंगे, जबकि बाहर छात्र संगठनों का दबाव भी सरकार के सामने बड़ी चुनौती बना रहेगा। ऐसे में 6 अगस्त से शुरू होने वाला मानसून सत्र राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
JPSC विवाद पर विधानसभा में घमासान तय, 6 अगस्त से सरकार और विपक्ष के बीच होगी सीधी भिड़ंत
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