रांची: ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मनरेगा एवं जेएसएलपीएस कर्मियों के लंबित वेतन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भविष्य में प्रत्येक माह के वेतन का बिल 25 तारीख तक ट्रेजरी में अनिवार्य रूप से भेजा जाए, ताकि कर्मियों को हर महीने के प्रथम सप्ताह में वेतन मिल सके। बैठक में मनरेगा के तहत लेबर और मटेरियल भुगतान में आ रही तकनीकी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने भारत सरकार के साथ समन्वय कर इन समस्याओं का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया, ताकि श्रमिकों और संबंधित एजेंसियों को समय पर भुगतान मिल सके।

मनरेगा में नई तकनीक और नवाचार पर जोर
दीपिका पांडेय सिंह ने मनरेगा के तहत नवाचार आधारित योजनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने ड्राई बोरवेल को सीपेज वाटर टैंक के रूप में विकसित करने की योजना को मनरेगा से जोड़ने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और जल संचयन को बढ़ावा देना है। इसके अलावा ग्रामीण सड़कों के निर्माण में नई तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। मंत्री ने कहा कि मनरेगा की योजनाओं में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे रोजगार के साथ-साथ टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण हो। जोहार-2 और जायका योजना जल्द शुरू करने के निर्देश बैठक में जेएसएलपीएस के तहत संचालित आजीविका एवं ग्रामीण महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने जोहार-2 और जायका योजनाओं को जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी करने का निर्देश दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों और स्वयं सहायता समूहों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पीएम आवास और अबुआ आवास की भी समीक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना और अबुआ आवास योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने लाभुकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। वहीं, पेसा कानून के धरातलीय क्रियान्वयन को लेकर पारंपरिक ग्राम सभाओं के गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश भी दिया गया।
ग्रामीण सड़कों और लंबित निविदाओं पर भी सख्ती
ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान नई योजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया जल्द पूरी करने और पहले से चल रही निविदाओं का निष्पादन इसी माह के भीतर करने का निर्देश दिया गया। मंत्री ने विभागीय बजट के विरुद्ध हुए खर्च की भी समीक्षा की और अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार, पंचायती राज निदेशक बी. राजेश्वरी, मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय वर्णवाल, जेएसएलपीएस के सीईओ अनन्य मित्तल, अभियंता प्रमुख समेत विभाग के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।