लातेहार: करीब दो दशक तक झारखंड के लातेहार, लोहरदगा और गुमला के जंगलों में सक्रिय रहे 20 लाख रुपये के इनामी हार्डकोर माओवादी रविंद्र गंझू उर्फ मुकेश गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू को पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार कर लिया है। लातेहार के चंदवा क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई को सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। ऑपरेशन की रणनीति सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह, आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह और लातेहार एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में तैयार की गई थी।
पुलिस के अनुसार, भाकपा (माओवादी) का रीजनल कमेटी सदस्य रविंद्र गंझू लंबे समय से सुरक्षा बलों के साथ-साथ ठेकेदारों और ग्रामीणों को निशाना बनाता रहा है। उसके खिलाफ लातेहार, गुमला और लोहरदगा के विभिन्न थानों में हत्या, आईईडी विस्फोट, लेवी वसूली, आगजनी और पुलिस पर हमले समेत कुल 154 मामले दर्ज हैं। झारखंड सरकार ने उस पर 15 लाख और एनआईए ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
जांच में सामने आया है कि रविंद्र गंझू और उसके दस्ते ने वर्ष 2019 से 2024 के बीच कम से कम 19 बड़ी वारदातों को अंजाम दिया। इनमें पुलिसकर्मियों पर घात लगाकर हमला, आईईडी विस्फोट, ग्रामीणों की हत्या, सड़क और पुल निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों पर हमला तथा सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं शामिल हैं।
सबसे चर्चित घटनाओं में वर्ष 2019 में चंदवा के लुकइया मोड़ पर पुलिस पीसीआर वैन पर हमला, जिसमें चार जवान शहीद हुए थे, तथा लोहरदगा और गुमला के जंगलों में आईईडी विस्फोटों में कई जवानों और ग्रामीणों की मौत शामिल है। इसके अलावा पुल निर्माण स्थल पर आगजनी, लेवी के लिए ठेकेदारों पर हमले और चुनाव के दौरान पुल उड़ाने जैसी घटनाओं में भी उसका नाम सामने आया था।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी से झारखंड में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर संगठन के अन्य सदस्यों, हथियारों के नेटवर्क और लंबित मामलों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने में लगी है।