RKDF University में विश्व आदिवासी दिवस का भव्य आयोजन, संस्कृति और परंपरा के रंग में रंगा विश्वविद्यालय परिसर

Mahak Kumari
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रांची: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर RKDF University, Ranchi में आदिवासी संस्कृति, परंपरा, कला और गौरवशाली विरासत को समर्पित भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान पूरा विश्वविद्यालय परिसर आदिवासी संस्कृति और सांस्कृतिक विविधता के रंग में रंगा नजर आया।

संस्कृति और विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। साथ ही विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और झारखंड की जनजातीय पहचान को करीब से समझने का अवसर प्रदान किया गया।

पारंपरिक परिधानों में नजर आए विद्यार्थी

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने Traditional Attire/Dress, Tribal Dance, Song Competition, Food Stall, Poster Presentation और Drawing Competition जैसी विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी संस्कृति की खूबसूरती और विविधता को जीवंत कर दिया।

Tribal Dance और Folk Music ने बांधा समां

कार्यक्रम में Tribal Dance और Folk Music की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर परिसर में मौजूद लोगों ने जमकर उत्साह बढ़ाया। लोकगीत और जनजातीय नृत्य के जरिए झारखंड की पारंपरिक संस्कृति की सजीव तस्वीर देखने को मिली।

पारंपरिक व्यंजनों से दिखी खान-पान की समृद्ध विरासत

कार्यक्रम में लगाए गए Indigenous Cuisine Food Stalls भी आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने पारंपरिक व्यंजनों को प्रदर्शित करते हुए आदिवासी समाज की समृद्ध खान-पान परंपरा से लोगों को रूबरू कराया।

Poster और Drawing में दिखी रचनात्मकता

Poster Presentation, Drawing और Tribal Art & Craft के माध्यम से विद्यार्थियों ने आदिवासी जीवन, प्रकृति, जल-जंगल-जमीन, परंपरा और सामाजिक मूल्यों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों ने अपनी कला प्रतिभा के साथ-साथ सांस्कृतिक समझ का भी परिचय दिया।

आदिवासी संस्कृति भारत की सामूहिक विरासत

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी संस्कृति केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आदिवासी समाज ने सदियों से प्रकृति संरक्षण, सामुदायिक जीवन, पारंपरिक ज्ञान और जल-जंगल-जमीन के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण पेश किया है।

आधुनिकता के दौर में जड़ों को बचाना जरूरी

वक्ताओं ने कहा कि आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। खासकर युवा पीढ़ी यदि अपनी संस्कृति, भाषा, कला और परंपराओं को समझकर आगे बढ़ाए, तो आदिवासी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक मजबूती से पहुंचाया जा सकता है।

Indigenous Knowledge, Culture and Heritage – Our Pride, Our Identity

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि Indigenous Knowledge, Culture and Heritage – Our Pride, Our Identity यानी आदिवासी ज्ञान, संस्कृति और विरासत हमारी पहचान और गौरव हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम से बढ़ा एकता और समरसता का संदेश

विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन विद्यार्थियों के लिए महज एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह अपनी पहचान, जड़ों और गौरवशाली विरासत को समझने एवं सम्मान देने का सार्थक मंच बना। विश्वविद्यालय के सभी विभागों की सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाया तथा परिसर में एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता की मजबूत तस्वीर पेश की।

शिक्षा के साथ संस्कृति और सामाजिक मूल्यों पर भी जोर

कार्यक्रम की सफलता ने यह संदेश दिया कि RKDF University, Ranchi शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में भी निरंतर प्रयास कर रहा है। कार्यक्रम के अंत में RKDF University, Ranchi परिवार की ओर से समस्त आदिवासी समाज को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।

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