रांची/नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के विकास का नया विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि राज्य अब केवल खनिज संपदा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नवाचार, अनुसंधान, तकनीक और निवेश के जरिए नई पहचान बनाएगा। अधिकारियों को उन्होंने समयबद्ध और परिणाम आधारित कार्यशैली अपनाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रही है और निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी चाहती है। उन्होंने कहा कि योजनाएं सिर्फ फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचे।
आदिवासी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए सीएम ने जियाडा (JIADA) में आदिवासी समूहों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की संभावना पर विचार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा, जब उसका लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार निवेश, रोजगार और समावेशी विकास को प्राथमिकता देते हुए झारखंड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।