रांची: आगामी दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने को लेकर रांची जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर में जिले की विभिन्न पूजा समितियों के साथ बैठक हुई। बैठक में पूजा के दौरान सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, ट्रैफिक, बिजली, साफ-सफाई, अग्निशमन व्यवस्था और विसर्जन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
एक दिन विसर्जन को लेकर समितियों से समन्वय की अपील
बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों से आपसी समन्वय स्थापित कर एक ही दिन प्रतिमाओं के विसर्जन पर सहमति बनाने का आग्रह किया। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि पूजा समितियां आपस में बैठक कर इस संबंध में आम सहमति बनाएं और इसकी जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि विसर्जन की व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन और विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सामूहिक रूप से की जानी चाहिए।

उपायुक्त ने कहा कि रांची में पर्व-त्योहारों को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की परंपरा रही है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि इस परंपरा को आगे भी कायम रखा जाए। इसके लिए प्रशासन के साथ पूजा समितियों और आम लोगों का सहयोग जरूरी है।
पंडाल निर्माण में सुरक्षा मानकों का रखें ध्यान
बैठक में पूजा समितियों को पंडाल निर्माण से लेकर प्रतिमा विसर्जन तक निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पंडाल की संरचना ऐसी होनी चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं के आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही आपात स्थिति में लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए पर्याप्त रास्ते और निकासी व्यवस्था रखना अनिवार्य होगा।
बिजली और आग से सुरक्षा पर विशेष जोर
विद्युत सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने पूजा समितियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा। निर्देश दिया गया कि बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मर या अन्य विद्युत संरचनाओं के बिल्कुल सटाकर पंडाल या तोरण द्वार का निर्माण न किया जाए। पूजा समितियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत विद्युत कनेक्शन और स्वीकृत लोड लेने की बात कही गई। इसके अलावा खुले या नंगे बिजली के तारों का इस्तेमाल नहीं करने तथा शॉर्ट सर्किट और आग जैसी संभावित घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पूजा समितियों ने भी आयोजन के दौरान आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर अपने सुझाव जिला प्रशासन के समक्ष रखे। प्रशासन ने सभी पक्षों के साथ समन्वय बनाकर दुर्गापूजा को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर जोर दिया।