PGT परीक्षा धांधली पर बड़ा खुलासा, आरोपी के कबूलनामे से रिमोट एक्सेस वाले नेटवर्क का दावा

Mahak Kumari
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रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (PGTTCE) 2023 में कथित धांधली को लेकर सीआईडी जांच में कई गंभीर दावे सामने आए हैं। मामले में आरोपी अभय तिवारी के कथित कबूलनामे के आधार पर परीक्षा में सेटिंग, सॉफ्टवेयर हैकिंग और रिमोट एक्सेस के जरिए अभ्यर्थियों को पास कराने का नेटवर्क सामने आने की बात कही गई है। कथित कबूलनामे में अभय तिवारी ने दावा किया कि उसने अजय संग्राम नाम के व्यक्ति के जरिए सेटिंग कराकर PGT इंग्लिश की परीक्षा पास की थी। इसके बाद उसकी पोस्टिंग देवघर में हुई। इसी तरह कॉमर्स विषय में सुनील कुमार नाम के अभ्यर्थी को भी सेटिंग के जरिए परीक्षा पास कराने का दावा किया गया है।

परीक्षा केंद्रों को पहले से मैनेज करने का आरोप

आरोपी के बयान के मुताबिक, सेटिंग वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र पहले से मैनेज किए जाते थे। अभ्यर्थियों को केंद्र पर पहुंचने से पहले खास रंग के कपड़े पहनने और निर्धारित लाइन में खड़े होने जैसे निर्देश दिए जाते थे। दावा है कि इसके जरिए नेटवर्क से जुड़े लोगों को अभ्यर्थियों की पहचान करने में आसानी होती थी।

दूसरे कमरे से रिमोट एक्सेस का दावा

जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को ऐसे कंप्यूटर पर बैठाया जाता था, जिसका रिमोट एक्सेस दूसरे कमरे में मौजूद सॉल्वर के पास होता था। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी केवल कंप्यूटर के सामने बैठा रहता था, जबकि कथित तौर पर दूसरे कमरे में मौजूद सॉल्वर रिमोट एक्सेस के जरिए सवालों के जवाब हल करते थे।

एजेंटों का अंतरराज्यीय नेटवर्क

पूरे मामले में एजेंटों के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क की भी बात सामने आई है। कथित तौर पर इमरान, अली, राजेश, शंकर, मनोज और सुनील कुमार समेत कई लोग इस नेटवर्क से जुड़े थे। अभ्यर्थियों से परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर बड़ी रकम लिए जाने का भी आरोप है।

ब्लैकलिस्ट एजेंसी पर भी उठे सवाल

PGTTCE-2023 के तहत 3,120 पदों पर भर्ती की गई थी। परीक्षा 18 अगस्त से 10 सितंबर 2023 के बीच CBT मोड में हुई थी। इसके बाद 22 दिसंबर 2023 और 1 मार्च 2024 को परिणाम जारी किए गए और नियुक्तियां हुईं। इस बीच 29 जनवरी 2024 को नामकुम थाने में पेपर लीक से जुड़ा मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में IPC की धारा 467, 468, 420 और 120(B), IT Act की धारा 66 तथा झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023 की धाराएं लगाई गई थीं। परीक्षा आयोजित कराने वाली चेन्नई की एजेंसी सत्वत इन्फोसोल प्राइवेट लिमिटेड को 12 फरवरी 2024 को समन जारी कर डिबार किए जाने की बात भी सामने आई थी। एजेंसी ने इससे पहले JSSC CGL, लैब असिस्टेंट और म्युनिसिपल परीक्षाओं का आयोजन भी किया था। सीआईडी की जांच में सामने आए इन दावों ने JSSC की परीक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, सामने आए आरोपों और कबूलनामे में किए गए दावों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के आधार पर ही अंतिम रूप से होगी।

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