रांची: झारखंड में सक्रिय हुए मानसून ने एक बार फिर तबाही मचाई है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और भारी बारिश से जुड़े हादसों में 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सबसे अधिक प्रभावित गिरिडीह जिला रहा, जहां अकेले 11 लोगों की जान चली गई।
सबसे हृदयविदारक घटना गिरिडीह के देवरी थाना क्षेत्र स्थित देवपहाड़ी के गोसाई आहर के पास हुई। यहां बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे बैठे और मोबाइल पर गेम खेल रहे चार युवकों की वज्रपात की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों में तीन युवक आपस में चचेरे भाई बताए जा रहे हैं। जिले के अन्य इलाकों में भी खेतों और निर्माण स्थलों पर काम कर रहे कई लोग वज्रपात की चपेट में आए। राज्य के अन्य जिलों में भी बिजली गिरने से जनहानि हुई है। दुमका में तीन, लातेहार में दो, जबकि गढ़वा और पलामू में एक-एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। कई घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।
उधर, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण झारखंड में मानसून दोबारा सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। मंगलवार को राजधानी रांची सहित कई जिलों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। कांके में 76 मिमी और रांची शहर में 35 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। वज्रपात की चेतावनी मिलने पर तुरंत किसी सुरक्षित भवन में शरण लें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।