रांची: ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ यात्रा 2026 को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने मंगलवार को संयुक्त रूप से पूरे रथ यात्रा मार्ग और मेला क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, यातायात, विद्युत व्यवस्था सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। इसके बाद नीलाद्री प्रशासनिक भवन में अधिकारियों और मेला समिति के साथ समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रथ यात्रा मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तत्काल शुरू की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस और मेडिकल टीम की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया।
विद्युत विभाग को निर्देश दिया गया कि कहीं भी खुले बिजली के तार न रहें। पूरे मार्ग की विद्युत व्यवस्था की जांच की जाएगी तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए पर्याप्त बैकअप की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
स्वच्छता को लेकर अधिकारियों ने विशेष जोर देते हुए मेला क्षेत्र में नियमित अंतराल पर सफाई अभियान चलाने, पर्याप्त संख्या में बायो-टॉयलेट लगाने और श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पूरे रथ यात्रा मार्ग एवं मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। 24 घंटे निगरानी के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को रेडी-टू-मूव स्थिति में तैनात रखा जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रथ यात्रा मार्ग और मेला परिसर में खोया-पाया केंद्र स्थापित किया जाएगा। वहीं मीडिया कवरेज को सुचारु बनाने के लिए वॉच टावर की भी व्यवस्था की जाएगी।
बैठक के दौरान जगन्नाथपुर मेला समिति को भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। समिति को तत्काल आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट बनाने की सलाह दी गई, ताकि रथ यात्रा से जुड़ी सूचनाएं और जनजागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें। इसके अलावा सभी स्वयंसेवकों को पहचान पत्र (आईकार्ड) उपलब्ध कराने और उनके लिए विस्तृत ब्रीफिंग सत्र आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा, “जगन्नाथपुर रथ यात्रा रांची की सांस्कृतिक धरोहर है। हमारा प्रयास है कि इस वर्ष की रथ यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य हो। जनसहयोग से हम इसे और अधिक यादगार बनाएंगे।”