रांची: बोकारो एसपी कार्यालय की लेखा शाखा से 11 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में सीआईडी ने जांच को बड़ा मुकाम देते हुए विशेष सीआईडी अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। आरोपपत्र में लेखापाल कौशल कुमार पांडेय, होमगार्ड जवान सतीश कुमार, एएसआई अशोक कुमार भंडारी और आरक्षी काजल मंडल को आरोपी बनाया गया है।
सीआईडी ने अदालत में 35 पन्नों का चार्जशीट सार, 120 पन्नों की केस डायरी, फॉरेंसिक एवं फाइनेंशियल ट्रेल की ऑडिट रिपोर्ट और 25 गवाहों के बयान साक्ष्य के रूप में पेश किए हैं। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेज और साक्ष्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमे को मजबूत आधार देंगे।
इस मामले की शुरुआत 7 अप्रैल को बोकारो स्टील सिटी थाना में दर्ज प्राथमिकी से हुई थी। बाद में 24 अप्रैल को सीआईडी ने जांच अपने हाथ में लेकर रांची स्थित सीआईडी थाना में केस दर्ज किया और विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच में खुलासा हुआ कि सरकारी खजाने से निकाली गई 11 करोड़ रुपये की राशि पहले 21 से अधिक बैंक खातों में भेजी गई और फिर 600 से ज्यादा खातों में ट्रांसफर कर उसकी परतें बनाई गईं। सीआईडी ने इन खातों को फ्रीज कर दिया है।
जांच के दौरान मुख्य आरोपी कौशल कुमार पांडेय की संपत्तियों की भी पड़ताल की गई। बोकारो के तेलीही क्षेत्र में स्थित उसके दो आलीशान मकानों समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। सीआईडी ने अदालत को बताया कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।
चार्जशीट के मुताबिक, लेखापाल कौशल कुमार पांडेय पूरे घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता था। उस पर आरोप है कि उसने ई-कुबेर पोर्टल और कंप्यूटर रिकॉर्ड में हेरफेर कर मृत और सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के नाम पर फर्जी वेतन बिल तैयार किए। इसके बाद रकम अपनी पत्नी अनु पांडेय और मां बृज कुमारी देवी के खातों में ट्रांसफर कराई। जांच में यह भी सामने आया कि उसने एक सेवानिवृत्त हवलदार की जन्मतिथि बदलकर 29 महीनों में 63 बार कुल 4.29 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की। इसके अलावा अन्य सेवानिवृत्त कर्मियों के जीपीएफ रिकॉर्ड में बदलाव कर भी सरकारी धन का गबन किया गया।
सीआईडी के अनुसार, होमगार्ड जवान सतीश कुमार के बैंक खाते में 1.06 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन मिला। आरोप है कि वह अपने खाते में आई राशि नकद निकालकर कौशल पांडेय तक पहुंचाता था।
एएसआई अशोक कुमार भंडारी और उसके करीबी खातों में भी करीब 1.11 करोड़ रुपये की अवैध राशि पहुंचने के साक्ष्य मिले हैं। वहीं आरक्षी काजल मंडल के घर हुई छापेमारी में 8.75 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि यात्रा मद से जुड़ी राशि उसके खाते में भेजी जाती थी, जिसे वह नकद निकालकर मुख्य आरोपी तक पहुंचाता था।
इधर, हजारीबाग में 31 करोड़ रुपये की अवैध वेतन निकासी मामले में भी सीआईडी जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। इस मामले में मास्टरमाइंड शंभू कुमार सिंह समेत छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उनके खिलाफ भी जल्द विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किए जाने की संभावना है।