Hazaribagh: के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। सोमवार रात अस्पताल में अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से पूरा परिसर अंधेरे में डूब गया। इस दौरान मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में इलाज किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने अस्पताल की तैयारियों और प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए।
वायरल वीडियो और मरीजों की परेशानियों की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को हजारीबाग के उपायुक्त अस्पताल पहुंचे और विभिन्न वार्डों सहित अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में मौजूद कई कमियों और अव्यवस्थाओं को गंभीरता से लिया।
मीडिया से बातचीत में उपायुक्त ने बताया कि अस्पताल परिसर में स्थापित दो सोलर प्लांट सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। तकनीकी टीम को बुला लिया गया है और अगले दो से तीन दिनों के भीतर इन्हें दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा ताकि भविष्य में बिजली बाधित होने पर मरीजों को परेशानी न हो।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। अस्पताल में पर्याप्त पेयजल, बैठने की व्यवस्था और पंखों जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल की समस्याओं के समाधान के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी और प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सुधार कार्य शुरू किए जाएंगे। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही अस्पताल की व्यवस्था को बेहतर बनाकर मरीजों और उनके परिजनों को राहत प्रदान की जाएगी।
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल हजारीबाग सहित आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों के इलाज का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में यहां की मूलभूत सुविधाओं और बिजली व्यवस्था को लेकर उठे सवाल स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर चिंता पैदा कर रहे हैं।