रांची/बोकारो: झारखंड में सामने आए ट्रेजरी घोटाले की जांच अब तेज कर दी गई है. सरकार द्वारा गठित जांच समिति की टीम शुक्रवार को आईएएस अमिताभ कौशल के नेतृत्व में बोकारो पहुंची. टीम ने डीसी कार्यालय में विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर मामले से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश की.
मीडिया से बातचीत में समिति के अध्यक्ष अमिताभ कौशल ने कहा कि मामले से जुड़े दस्तावेज बेहद विस्तृत हैं और हजार से अधिक पन्नों की फाइलों की जांच की जानी है. ऐसे में किसी निष्कर्ष पर एक दिन में पहुंचना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है.
इधर एसआईटी की प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि सरकारी खजाने से इतनी बड़ी राशि की निकासी विभागीय मिलीभगत के बिना संभव नहीं थी. जांच एजेंसियां लेखा शाखा के कर्मचारियों, बैंकिंग ट्रांजैक्शन से जुड़े अधिकारियों और सिस्टम ऑपरेटर्स की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं.
तकनीकी जांच में यह भी सामने आया है कि घोटाले को अंजाम देने में डिजिटल सिस्टम का दुरुपयोग किया गया. आरोपियों ने फर्जी एंट्री और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए सरकारी राशि निकालकर अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की. जांच एजेंसियों के अनुसार, गबन की गई रकम को सीधे खर्च करने के बजाय योजनाबद्ध तरीके से निवेश और अन्य माध्यमों में सुरक्षित रखने की कोशिश की गई.