रांची में डिप्टी मेयर पद पर सियासी जंग, भाजपा-कांग्रेस-JMM ने तेज की जोड़तोड़

Mahak Kumari
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Ranchi: रांची नगर निगम चुनाव के नतीजे आने के बाद अब शहर की सियासत का केंद्र डिप्टी मेयर का पद बन गया है। इस पद पर कब्जा जमाने के लिए भाजपा, कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) तीनों ही दल सक्रिय हो गए हैं। सभी पार्टियां अपने समर्थक पार्षदों की संख्या का आकलन करने और राजनीतिक समीकरण साधने में जुटी हुई हैं।

डिप्टी मेयर पद को लेकर भाजपा सबसे ज्यादा उत्साहित नजर आ रही है। पार्टी नेताओं का दावा है कि नगर निगम में करीब दो दर्जन पार्षद भाजपा समर्थित हैं, ऐसे में इस पद पर पार्टी का मजबूत दावा बनता है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि समर्थक पार्षदों की संख्या को देखते हुए पार्टी खुद को मजबूत स्थिति में मान रही है।

इधर कांग्रेस ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कांग्रेस नेता राजेश गुप्ता छोटू ने बताया कि वार्ड 18 की पार्षद आशा देवी लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर आई हैं। वे पार्टी नेतृत्व से बातचीत कर डिप्टी मेयर पद के लिए आशा देवी के नाम की दावेदारी पेश करेंगे। आशा देवी कांग्रेस से जुड़ी हुई हैं और राजेश गुप्ता छोटू की बड़ी बहन भी हैं।

वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा भी इस पद को लेकर नई रणनीति तैयार करने में लगा है। पार्टी के संभावित दावेदार सोमवित मांझी चुनाव हार गए हैं। ऐसे में पार्टी अब किसी अल्पसंख्यक चेहरे को उम्मीदवार बनाने के विकल्प पर विचार कर रही है। फिलहाल झामुमो नेतृत्व के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।

भाजपा में भी डिप्टी मेयर पद को लेकर कई नामों पर मंथन चल रहा है। प्रदेश नेतृत्व ने भाजपा समर्थित पार्षदों की सूची मांगी है और यह भी जानकारी ली जा रही है कि संबंधित पार्षद कितने समय से पार्टी से जुड़े हैं और उनका राजनीतिक अनुभव क्या है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक वार्ड 1 के पार्षद नकुल तिर्की, वार्ड 21 के सुनील यादव, वार्ड 28 की रश्मि चौधरी, वार्ड 26 के प्रदीप कुमार और वार्ड 40 की पार्षद सुचिता रानी रॉय के नाम चर्चा में हैं।

इन नामों पर अंतिम फैसला लेने से पहले रांची विधायक सीपी सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल और रांची सांसद सह केंद्रीय मंत्री संजय सेठ की राय भी अहम मानी जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि इस बार कई पुराने चेहरे चुनाव नहीं जीत पाए हैं, इसलिए किसी नए चेहरे को मौका दिया जा सकता है।

फिलहाल डिप्टी मेयर पद को लेकर सभी दलों में मंथन जारी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि होली के बाद इस पद को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

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