आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी झारखंड के पूर्व मंत्री Kamlesh Singh के बेटे सूर्य सोनल सिंह और दामाद नरेंद्र मोहन सिंह को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। Jharkhand High Court की न्यायाधीश रंगन मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने दोनों की क्रिमिनल रिवीजन याचिका खारिज कर दी।
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद निचली अदालत में चल रही कार्रवाई पर लगी रोक समाप्त हो गई है। अब पीएमएलए कोर्ट में आगे की सुनवाई और ट्रायल की प्रक्रिया तेज होगी। निचली अदालत में पहले ही चार्ज फ्रेम हो चुका है, ऐसे में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) अब गवाहों और साक्ष्यों को पेश कर ट्रायल आगे बढ़ाएगा।
5.83 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
इस मामले में पूर्व मंत्री कमलेश सिंह, उनकी पत्नी मधु सिंह, बेटे सूर्य सोनल सिंह, बेटी अंकिता सिंह और दामाद नरेंद्र मोहन सिंह पर कुल 5 करोड़ 83 लाख 64 हजार 197 रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। Enforcement Directorate ने 10 अक्टूबर 2009 को मामला दर्ज किया था। आरोप है कि मंत्री पद पर रहते हुए अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को परिवार के सदस्यों के नाम पर निवेश और लेन-देन के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई।
इससे पहले पीएमएलए कोर्ट में आरोप तय होने के बाद आरोपियों ने डिस्चार्ज पिटीशन दाखिल की थी, जिसे 25 नवंबर 2017 को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की गई थी, जिसे अब अदालत ने निरस्त कर दिया है।
पहले भी जा चुके हैं जेल
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वर्ष 2017 में रांची की विशेष ईडी अदालत ने सूर्य सोनल सिंह और नरेंद्र मोहन सिंह को जेल भेजा था। यह मामला कथित आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है, जिसमें परिवार के अन्य सदस्य भी आरोपी हैं।
हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब मामले में निचली अदालत में सुनवाई तेज होने की संभावना है, जिससे आरोपियों की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।