डिग्री से आगे बढ़कर हुनर की पहचान, झारखंड में युवाओं को नई राह दे रही मुख्यमंत्री सारथी योजना

Mahak Kumari
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Ranchi: झारखंड में बढ़ती बेरोज़गारी के बीच राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सारथी योजना युवाओं के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद नौकरी नहीं मिलने की समस्या लंबे समय से राज्य के युवाओं के सामने चुनौती बनी हुई है। कंपनियों को जहां प्रशिक्षित और कुशल कार्यबल की जरूरत है, वहीं कई युवा उचित मार्गदर्शन और अवसर के अभाव में पीछे रह जाते हैं। इसी अंतर को दूर करने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की गई है।
सरकार का कहना है कि योजना का मकसद केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है। इसके तहत 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के झारखंड निवासी युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप जॉब-ओरिएंटेड स्किल ट्रेनिंग दी जाती है।

क्या है योजना की खासियत?
मुख्यमंत्री सारथी योजना एक व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत युवाओं को आईटी, हेल्थकेयर, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। ये ऐसे सेक्टर हैं जहां रोजगार की संभावनाएं अधिक हैं और कुशल मानव संसाधन की मांग लगातार बनी रहती है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को भी बिना किसी फीस के प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

स्टाइपेंड और प्लेसमेंट की सुविधा
योजना के तहत प्रशिक्षण अवधि के दौरान युवाओं को स्टाइपेंड भी दिया जाता है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण वे बीच में कोर्स न छोड़ें। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सरकार की ओर से प्लेसमेंट सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जाता है। कई प्रशिक्षण केंद्रों पर कंपनियां सीधे पहुंचकर इंटरव्यू आयोजित करती हैं, जिससे युवाओं को रोजगार पाने में सुविधा मिलती है।

सॉफ्ट स्किल पर विशेष जोर
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। इसीलिए योजना में सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण को भी अहम स्थान दिया गया है। युवाओं को इंटरव्यू की तैयारी, संचार कौशल, टीमवर्क, व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे नौकरी पाने के साथ-साथ लंबे समय तक रोजगार में टिके रह सकें।

आवेदन कैसे करें?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का झारखंड का निवासी होना और आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और शैक्षणिक प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज आवश्यक हैं। इच्छुक युवा अपने नजदीकी जिला नियोजन कार्यालय या अधिकृत प्रशिक्षण केंद्र में जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

क्यों अहम है यह पहल?
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली युवा हैं, जिन्हें सही दिशा और मंच की जरूरत है। मुख्यमंत्री सारथी योजना उन्हें कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का अवसर देती है। यदि इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, तो यह योजना न केवल युवाओं की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।

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