रांची: बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले की जांच में जुटी CID आज अहम कदम उठाने जा रही है। मामले के मुख्य आरोपी को हजारीबाग से कड़ी सुरक्षा के बीच रांची लाया जाएगा, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान घोटाले से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
आरोपी को रांची लाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। डीएसपी रैंक के अधिकारी की अगुवाई में 25 सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसमें कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल हैं। हजारीबाग से रांची तक पूरे रूट पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को आशंका है कि मामले से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोग जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी वजह से आरोपी के ट्रांजिट और पूछताछ की प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखा गया है।
जांच में अब तक सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों और अवैध वेतन भुगतान के जरिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की निकासी की गई। मामले में पुलिस विभाग से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
CID की जांच में पुलिस लेखा शाखा में तैनात सिपाही शंभू कुमार को मुख्य आरोपी माना गया है। इसके अलावा रंजीश सिंह, धीरेंद्र सिंह, खुशबू देवी, अनु पांडेय और सौरभ कुमार सिंह भी इस मामले में आरोपी हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार फर्जी वेतन निकासी के माध्यम से 15 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी की गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद घोटाले के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका पर भी पर्दा उठ सकता है।