नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले और देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत अब यह जानना चाहती है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए किए जा रहे दावे वास्तव में जमीन पर कितने प्रभावी हैं। इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के नए कार्यालय का दौरा करने की बात कही है।
NTA की तैयारियों को मौके पर परखेगी अदालत
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ ने सुनवाई के दौरान NTA की परीक्षा व्यवस्था और उसमें किए जा रहे सुधारों को लेकर जानकारी मांगी। अदालत का उद्देश्य यह देखना है कि परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए जिन व्यवस्थाओं की बात की जा रही है, उनका वास्तविक क्रियान्वयन किस स्तर पर हुआ है।
नंदन नीलेकणि समिति से मांगी प्रगति रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने नंदन नीलेकणि के नेतृत्व वाली हाई-पावर्ड समिति के कामकाज की प्रगति पर भी रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने संबंधित पक्ष को दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि समिति ने इस विषय पर व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया है और उसकी पहली अंतरिम रिपोर्ट सितंबर के अंत तक आने की संभावना है।
पेपर लीक की घटनाओं के बाद परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्था और निगरानी को लेकर उठे सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।