दिल्ली: के जंतर-मंतर से संसद मार्च के लिए निकले छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर झारखंड की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
दोनों दलों का कहना है कि छात्र NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। ऐसे में उन पर बल प्रयोग करना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि छात्रों और युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों पर केंद्र सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को संसद के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाएगी।
वहीं, झारखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमेशा आवाज उठाती रहेगी।
गौरतलब है कि संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया था। इस दौरान धक्का-मुक्की और बल प्रयोग की घटनाएं भी सामने आईं। घटना के बाद देशभर में राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।