रिटायरमेंट की मार झेल रही झारखंड पुलिस, खाली हुए डीएसपी और इंस्पेक्टर के कई पद

Mahak Kumari
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now
YouTube Channel Subscribe

रांची: झारखंड पुलिस में अधिकारियों की लगातार हो रही सेवानिवृत्ति से बल की कमी का संकट गहराने लगा है। नई नियुक्तियां नहीं होने के कारण विभाग पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में बड़ी संख्या में अधिकारियों के रिटायर होने से कई महत्वपूर्ण पद खाली हो गए हैं।

प्रमुख बातें

  • 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच कुल 31 कनीय पुलिस पदाधिकारी सेवानिवृत्त हुए।
  • इनमें 12 डीएसपी और 19 पुलिस इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी शामिल हैं।
  • सेवानिवृत्ति के कारण डीएसपी और इंस्पेक्टर के कई पद रिक्त हो गए हैं।
  • विभागीय सूत्रों के अनुसार वर्ष के अंत तक करीब एक दर्जन और अधिकारी सेवानिवृत्त हो सकते हैं।
  • 31 जुलाई को तीन अधिकारी हुए सेवानिवृत्त
  • डीएसपी मंजू कश्यप
  • पुलिस इंस्पेक्टर शिव गोप
  • पुलिस इंस्पेक्टर विष्णु देव चौधरी
  • जनवरी से जुलाई 2026 तक सेवानिवृत्त अधिकारियों का विवरण

31 जनवरी

  • डीएसपी सिप्रियन बागे
  • डीएसपी अखिलेश्वर प्रसाद मंडल
  • डीएसपी शैलेश प्रसाद
  • डीएसपी सरोज कुमार सिंह
  • डीएसपी विनोद उरांव
  • इंस्पेक्टर संजय कुमार
  • इंस्पेक्टर राजीव रंजन
  • इंस्पेक्टर प्रदीप चौधरी
  • इंस्पेक्टर सुमन कुमार सिन्हा
  • इंस्पेक्टर विश्वनाथ सिंह
  • इंस्पेक्टर बंधन भगत
  • इंस्पेक्टर परमानंद बिरुवा
  • इंस्पेक्टर प्रभु सहाय एक्का
  • इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार महतो
  • इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार साहू
  • इंस्पेक्टर सकलदीप सिंह

28 फरवरी

  • डीएसपी अनूप बी. केरकेट्टा
  • इंस्पेक्टर किशुन दास
  • इंस्पेक्टर रामेश्वर राम
  • 31 मार्च
  • डीएसपी बीरेंद्र बाड़ा
  • इंस्पेक्टर सत्यम कुमार
  • इंस्पेक्टर कमलेश कुमार

31 मई

  • डीएसपी रतिभान सिंह
  • डीएसपी सुधीर प्रसाद साहू
  • डीएसपी अजय कुमार
  • इंस्पेक्टर मनोज कुमार गुप्ता
  • इंस्पेक्टर फ्रांसिस जेवियर बाड़ा

30 जून

  • डीएसपी कुलदीप टोप्पो
  • इंस्पेक्टर रंजीत सिन्हा
  • इंस्पेक्टर सुधीर पोद्दार
  • इंस्पेक्टर नंद किशोर साह
  • इंस्पेक्टर रामाकांत ओझा

31 जुलाई

  • डीएसपी मंजू कश्यप
  • इंस्पेक्टर शिव गोप
  • इंस्पेक्टर विष्णु देव चौधरी
  • बढ़ सकती है चुनौती

पुलिस विभाग में लगातार अनुभवी अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने से प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था संबंधी कार्यों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विभाग की नजर अब रिक्त पदों को पदोन्नति और नई नियुक्तियों के जरिए भरने पर टिकी हुई है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *