रांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पैरामेडिकल छात्रों और स्वास्थ्यकर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग का हर कर्मचारी, डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और छात्र उनके परिवार का हिस्सा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग में किसी भी कर्मचारी या छात्र को अपनी समस्याओं को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

शुक्रवार को मंत्री के आगमन के दौरान झारखंड पैरामेडिकल स्टाफ्स एसोसिएशन और पैरामेडिकल छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। यह देख स्वास्थ्य मंत्री स्वयं छात्रों के बीच पहुंचे और उन्हें सड़क पर प्रदर्शन करने के बजाय अपने कार्यालय में आकर बातचीत करने का आग्रह किया। कार्यालय में छात्रों और प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान मंत्री ने उनकी सभी समस्याएं विस्तार से सुनीं। इस दौरान उनके लिए नाश्ता और भोजन की भी व्यवस्था कराई गई। मंत्री ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। बैठक में एसोसिएशन ने झारखंड पैरामेडिकल स्टाफ्स एसोसिएशन की ओर से एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के करीब 140 नए पैरामेडिकल प्रशिक्षु छात्रों के लिए छात्रावास उपलब्ध कराने की मांग रखी। मांग पर तत्काल कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर छात्रावास व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत की जाए। साथ ही उन्होंने एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक से फोन पर बात कर छात्रों की मांगों से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव जल्द विभाग को भेजने का निर्देश दिया। मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अजय कुमार सिंह को भी निर्देश दिया कि पैरामेडिकल छात्रों की मांगों पर जल्द बैठक कर व्यावहारिक और स्थायी समाधान निकाला जाए। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशिक्षु छात्रों की सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पैरामेडिकल छात्र स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके प्रशिक्षण, छात्रावास तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। बैठक के बाद पैरामेडिकल छात्रों और एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना, सम्मान दिया और समाधान का भरोसा दिलाया, जिससे छात्रों का मनोबल बढ़ा है।