पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए बांकीपुर सीट पर नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को एक अप्रत्याशित घटनाक्रम ने पूरे राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। जनशक्ति जनता दल (JJD) की उम्मीदवार वीणा मानवी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद जैसे ही समाहरणालय परिसर से बाहर कदम रखा, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से मौके पर मौजूद समर्थकों में नाराजगी फैल गई और देखते ही देखते परिसर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
वीणा मानवी को पुलिस वाहन में बैठाकर ले जाने के दौरान उनके समर्थकों ने कार्रवाई का विरोध किया और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी बहस भी हुई, लेकिन अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति पर जल्द ही काबू पा लिया गया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए परिसर के आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
हिरासत में लिए जाने के बाद वीणा मानवी ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक दबाव के तहत निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना था कि चुनावी प्रक्रिया के बीच इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगी और जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखेंगी।
वहीं पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी चुनावी कारण से नहीं, बल्कि पहले से दर्ज एक मामले में जारी कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। अधिकारियों के अनुसार, कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की गई है और पूरे मामले में आगे की प्रक्रिया जारी है।
नामांकन के आखिरी दिन हुई इस घटना ने बांकीपुर विधानसभा सीट का चुनावी माहौल और अधिक गर्म कर दिया है। विपक्ष और अन्य राजनीतिक दल भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे कानूनी कार्रवाई क्या रूप लेती है और इसका चुनावी समीकरण पर कितना असर पड़ता है।