रांची: के रातू थाना क्षेत्र स्थित चटकपुर में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बंद कमरे में जलते कोयले के चूल्हे से निकली जहरीली गैस के कारण 40 वर्षीय पिंकी देवी और उनके ढाई वर्षीय बेटे की मौत हो गई। वहीं, उनकी साढ़े तीन साल की बेटी और 17 वर्षीय ननद गंभीर रूप से बीमार हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, पिंकी देवी मूल रूप से बिहार के छपरा की रहने वाली थीं और चटकपुर में किराये के मकान में अपने बच्चों और ननद के साथ रह रही थीं। शुक्रवार रात उन्होंने कोयले के चूल्हे पर भोजन तैयार किया। खाना खाने के बाद चूल्हे को कमरे से बाहर नहीं निकाला गया और परिवार के सभी सदस्य दरवाजा बंद कर सो गए।
शनिवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो स्थानीय लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा खोलने पर पिंकी देवी, उनके दोनों बच्चे और ननद बेहोशी की हालत में मिले। सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने पिंकी देवी और उनके ढाई वर्षीय बेटे को मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों के अनुसार, बंद कमरे में दम घुटने के कारण मां-बेटे की मौत हुई है। वहीं, पिंकी देवी की साढ़े तीन साल की बेटी और उनकी 17 वर्षीय ननद की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही रातू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी आदिकांत महतो ने बताया कि कमरे से कोयले का चूल्हा बरामद किया गया है। प्रारंभिक जांच में बंद कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होने के कारण जहरीली गैस से दम घुटने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
यह हादसा इस बात की भी याद दिलाता है कि बंद कमरे में कोयले का चूल्हा जलाकर सोना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।