बड़कागांव: में एनटीपीसी की प्रस्तावित बादाम कोल परियोजना को लेकर भू-रैयतों और कंपनी के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर उग्र हो गया। मंगलवार सुबह आक्रोशित ग्रामीणों ने परियोजना के एमडीओ बीजीआर माइनिंग इंफ्रा के बादाम स्थित साइट कार्यालय में पहुंचकर तोड़फोड़ की। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले भू-रैयतों ने आरोप लगाया था कि बीजीआर माइनिंग इंफ्रा के अधिकारी और कर्मचारी उनकी सहमति और त्रिपक्षीय वार्ता के बिना क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इसका विरोध करते हुए विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों ने कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को बंधक बना लिया था। इस मामले में कंपनी की ओर से बड़कागांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
बीजीआर माइनिंग इंफ्रा के अधिकारी सत्य नारायण की शिकायत पर दर्ज इस मामले में दर्जनों लोगों को नामजद किया गया था, जबकि सैकड़ों अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न गांवों में छापेमारी कर रही थी।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई आंदोलन से जुड़े लोगों को डराने और दबाव बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। इसी के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में भू-रैयत बीजीआर के साइट कार्यालय पहुंचे और वहां तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया।
घटना के बाद बड़कागांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोंदलपुरा गांव निवासी आंदोलनकारी विकास कुमार कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया। उन पर बीजीआर माइनिंग इंफ्रा के साइट ऑफिस में तोड़फोड़ करने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
उधर, विस्थापन, मुआवजा और सहमति जैसे मुद्दों को लेकर बादाम कोल परियोजना क्षेत्र में लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। ताजा घटना के बाद एक बार फिर परियोजना प्रभावितों और कंपनी प्रबंधन के बीच टकराव गहरा गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।