Ranchi: झारखंड के किसानों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कड़ी में अब राज्य के हर जिले में कम से कम एक मॉडल कृषक पाठशाला विकसित की जाएगी, जहां किसानों को आधुनिक खेती, मिट्टी जांच, सिंचाई प्रबंधन और नई कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही राज्य में पहले से संचालित 57 किसान पाठशालाओं को भी और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दलहन और श्री अन्न यानी मिलेट की खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कम वर्षा वाले क्षेत्रों में कम पानी वाली फसलों को अपनाने के निर्देश दिए। वहीं किसान समृद्धि योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा संचालित पंपसेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज करने को कहा गया है, ताकि सिंचाई की लागत कम हो और किसानों की आमदनी बढ़ सके।
इसके अलावा राज्य के सभी प्रमंडलों में कृषि व्यापार मेलों के आयोजन की योजना बनाई गई है, जिससे किसानों को नई तकनीकों और बाजार की बेहतर जानकारी मिल सकेगी।
पशुपालन के क्षेत्र में भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। दुग्ध उत्पादन, बकरी पालन, सूकर पालन, कुक्कुट पालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ मशरूम और मधुमक्खी पालन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। महिला स्वयं सहायता समूहों को मशरूम उत्पादन से जोड़ने और मधुमक्खी पालकों को सुरक्षा किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने लैम्प्स और पैक्स समितियों को और अधिक मजबूत व पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया। साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक नए और पात्र किसानों तक पहुंचे।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसानों और कृषि अधिकारियों से बातचीत कर योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसान हित से जुड़े हर कार्य में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि राज्य का हर किसान विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।
झारखंड के किसानों के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान, हर जिले में बनेगी मॉडल कृषक पाठशाला
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