Jamtara: डुमरी विधायक जयराम महतो से जुड़े कथित वायरल वीडियो के बाद झारखंड की सियासत में जारी बयानबाजी और तेज हो गई है। विधायक और पुलिस एसोसिएशन के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। इसी बीच मंत्री इरफान अंसारी ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम महतो को विवाद खत्म करने की सलाह दी है। इरफान अंसारी ने कहा कि अगर जयराम महतो एक कदम पीछे हटकर माफी मांग लेते हैं, तो संभव है कि विवाद आसानी से समाप्त हो जाए। उन्होंने कहा कि कई बार एक कदम पीछे हटना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी होती है और इससे विवाद खत्म करने के रास्ते खुल सकते हैं।
जयराम महतो के प्रति जताई सहानुभूति
मंत्री ने जयराम महतो के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि वह भी विधायक हैं और जयराम महतो भी विधायक हैं। उन्होंने जयराम महतो को खुद से जूनियर बताते हुए कहा कि वह अच्छा काम कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने सलाह दी कि विधायक को अपने रुख पर एक बार फिर विचार करना चाहिए।
विधायिका और कार्यपालिका को लेकर कही बड़ी बात
इरफान अंसारी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधायिका और कार्यपालिका की भूमिका पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विधायिका की भूमिका महत्वपूर्ण है और उसके बाद कार्यपालिका आती है। अधिकारियों और नौकरशाहों को जनप्रतिनिधि उचित तरीके से निर्देश देकर काम करा सकते हैं।
‘अधिकारियों को निर्देश दें, गलत व्यवहार न करें’
मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों से काम कराने के लिए उन्हें स्पष्ट और उचित निर्देश देने चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी बात मजबूती से रखना गलत नहीं है, लेकिन किसी अधिकारी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। अधिकारियों को डराने के बजाय नियम और प्रक्रिया के तहत निर्देश देकर काम कराया जाना चाहिए। इरफान अंसारी की इस टिप्पणी के बाद जयराम महतो और पुलिस एसोसिएशन के बीच चल रहे विवाद को लेकर सियासी चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि इस विवाद को लेकर आगे जयराम महतो और पुलिस एसोसिएशन का रुख क्या रहता है।