रांची: झारखंड में नियमित पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति का मामला अब सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में है। पुलिस सुधार से जुड़े चर्चित प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने झारखंड में नियमित DGP की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों पर गौर किया है।
एमिकस क्यूरी को दी गई पेपरबुक
18 अगस्त 2026 की सुनवाई के दौरान झारखंड में नियमित DGP की नियुक्ति से जुड़े मामले की पेपरबुक एमिकस क्यूरी को उपलब्ध कराई गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि एमिकस क्यूरी इस विषय पर अपना नोट अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
नियुक्ति को लेकर बढ़ी नजर
सुप्रीम कोर्ट की इस कार्रवाई के बाद झारखंड में नियमित DGP की नियुक्ति का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, उपलब्ध आदेश में किसी विशेष अधिकारी को DGP नियुक्त करने या नियुक्ति की कोई नई समयसीमा तय करने का निर्देश नहीं दिया गया है। इसलिए फिलहाल इसे किसी अधिकारी की नियुक्ति के आदेश के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
2 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य मामले और लंबित अंतरिम आवेदनों को 2 सितंबर 2026 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। ऐसे में अगली सुनवाई में एमिकस क्यूरी की ओर से झारखंड के नियमित DGP की नियुक्ति को लेकर कोई नोट या राय अदालत के सामने रखी जाती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।खबर का सार: झारखंड में नियमित DGP की नियुक्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाले पुलिस सुधार से जुड़े मामले का हिस्सा बना हुआ है। अदालत ने फिलहाल संबंधित दस्तावेज एमिकस क्यूरी को सौंपकर उनकी राय/नोट के लिए रास्ता साफ किया है।