रांची: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच रविवार की मैराथन बैठक के बाद सरकार ने कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है। सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा के साथ बैकलॉग 2023 और बैकलॉग 2025 की परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई है। वहीं, TDPL कंपनी के जरिए कराई गई परीक्षाओं की जांच अब CID करेगी। हालांकि छात्रों की सबसे अहम मांगों में शामिल JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने पर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सहमति नहीं बन सकी। सरकार ने साफ किया है कि मामला न्यायालय में है और अदालत के आदेश के बाद ही इस पर कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।
सरकार ने मानी कई बड़ी मांगें
रविवार को हुई बातचीत में सरकार की ओर से परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर कई अहम कदम उठाने की बात कही गई। इनमें 14वीं JPSC, बैकलॉग 2023 और बैकलॉग 2025 की परीक्षाओं को रद्द करना प्रमुख है। इसके अलावा TDPL द्वारा कराई गई परीक्षाओं की CID जांच होगी। आपराधिक मामलों की जांच भी आगे बढ़ाई जाएगी। आर्थिक अनियमितता सामने आने पर ED से जांच कराने की मांग की जा सकती है। सरकार ने मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने की दिशा में भी कार्रवाई का भरोसा दिया है।
मंत्री बोले- छात्रों की हर जायज मांग पर सरकार गंभीर
सूचना भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह और संजय प्रसाद यादव ने सरकार का पक्ष रखा।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुन रही है और जिन मामलों में निर्णय लेना सरकार के अधिकार क्षेत्र में है, उन पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों और उनके अभिभावकों से आंदोलन समाप्त कर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
JSSC-CGL पर सरकार की मजबूरी, कोर्ट के फैसले का इंतजार
JSSC-CGL को लेकर सरकार और छात्रों के बीच अभी भी गतिरोध बना हुआ है। सरकार का तर्क है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए वह अपने स्तर से परीक्षा रद्द नहीं कर सकती। सरकार ने भरोसा दिया है कि यदि अदालत परीक्षा रद्द करने का आदेश देती है तो उस आदेश को लागू किया जाएगा। लेकिन छात्रों की मांग है कि JSSC-CGL मामले में भी ठोस कार्रवाई हो।
CID के रडार पर JPSC के सदस्य
जांच को लेकर CID ने भी बड़ा अपडेट दिया है। CID के एडीजी और रांची जोन के IG मनोज कौशिक के मुताबिक जांच लगातार आगे बढ़ रही है। JPSC के सभी सदस्यों को नोटिस जारी कर पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।CID ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़ी कोई जानकारी या सबूत है तो वह जांच एजेंसी तक पहुंचाए। मिलने वाली प्रत्येक सूचना की जांच किए जाने की बात कही गई है।
अब बदल जाएगी JPSC की परीक्षा व्यवस्था
भविष्य में परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए JPSC परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी और परीक्षा से कुछ समय पहले प्रश्नपत्र का चयन करने की व्यवस्था पर काम होगा। मुख्य परीक्षा को CBT मोड में कराने की तैयारी भी की जा रही है। इसके लिए विश्वसनीय कंप्यूटर सेंटरों का इस्तेमाल किया जाएगा। अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए Student Facilitation Centre बनाने की भी योजना है।
50 हजार से ज्यादा आवेदन आए तो दो चरणों में होगी JSSC परीक्षा
JSSC की आने वाली भर्तियों में भी परीक्षा व्यवस्था बदलने की तैयारी है। यदि किसी भर्ती में 50 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी आवेदन करते हैं, तो परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले PT और उसके बाद Mains परीक्षा होगी। Mains के लिए कुल पदों के मुकाबले 15 प्रतिशत अभ्यर्थियों को चयनित किया जाएगा।
सरकार के फैसले के बाद भी आंदोलन पर सस्पेंस
सरकार ने कई बड़ी मांगों पर कदम जरूर बढ़ाया है, लेकिन छात्रों का आंदोलन पूरी तरह खत्म होगा या नहीं, यह अभी तय नहीं है। छात्र प्रतिनिधि आंदोलन स्थल पर लौटकर सरकार के फैसलों की जानकारी देंगे। छात्रों की CBI जांच की मांग अभी भी कायम है। ऐसे में 14वीं JPSC और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के बावजूद आंदोलन का अगला रुख JSSC-CGL और CBI जांच के मुद्दे पर तय होगा। यानी सरकार ने छात्रों को बड़ा भरोसा दिया है, लेकिन आंदोलन का पूरी तरह पटाक्षेप अभी बाकी है। अब फैसला आंदोलन स्थल पर बैठे हजारों अभ्यर्थियों के हाथ में है।