रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। राज्यभर से जुटे छात्र लगातार परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अब आंदोलनकारियों ने भूख हड़ताल और विधानसभा घेराव का ऐलान कर दिया है, जिसके बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से अभ्यर्थियों का धरना जारी है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, इसलिए अब आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसके तहत पहले चरण में भूख हड़ताल और उसके बाद विधानसभा सत्र के दौरान बड़े पैमाने पर घेराव की तैयारी की जा रही है।आंदोलन के तेज होने की संभावना को देखते हुए राज्य की विशेष शाखा ने सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। पुलिस प्रशासन को आंदोलन से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है। छात्र संगठनों का आरोप है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के कारण हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, विधानसभा घेराव के ऐलान के बाद राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंथन शुरू हो गया है। प्रशासन को आशंका है कि आंदोलन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की चुनौती उत्पन्न हो सकती है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन झारखंड की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम और आंदोलनकारियों की रणनीति पर टिकी हुई है।