रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच टकराव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को हुई हाईलेवल वार्ता भी किसी ठोस फैसले तक नहीं पहुंच सकी। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद मांगों पर सहमति नहीं बनी, जिसके बाद आंदोलनकारी छात्रों ने अपना रुख और सख्त कर लिया है।
छात्रों का साफ कहना है कि सिर्फ आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। JPSC और JSSC की परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता और नियमों में सुधार को लेकर छात्र ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलनकारियों ने कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग भी सरकार के सामने रखी है।
‘आश्वासन नहीं, चाहिए ठोस फैसला’
बैठक के बाद छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित और ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का आरोप है कि वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और अब वे पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान
वार्ता बेनतीजा रहने के बाद छात्रों ने अब सरकार के खिलाफ आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का ऐलान किया है। 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम बरकरार रखा गया है। इससे राजधानी रांची में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ने की संभावना है।
राजनीतिक आरोपों पर भी छात्रों का पलटवार
आंदोलन को राजनीतिक रंग दिए जाने के आरोपों को छात्र प्रतिनिधियों ने खारिज किया है। छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य की है। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन पीछे नहीं हटेगा।
अब निगाहें सरकार के अगले कदम और 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव पर टिकी हैं। अगर सरकार की ओर से जल्द कोई ठोस फैसला नहीं आता है, तो JPSC-JSSC आंदोलन के और तेज होने के आसार हैं।