नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए आज दोपहर 3 बजे तीसरे दौर की अहम वार्ता होने जा रही है। इस बैठक को आंदोलन के भविष्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वार्ता से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और एहतियातन दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और CJP प्रतिनिधियों के बीच दो दौर की बातचीत हो चुकी है। दोनों बैठकों में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई स्पष्ट सहमति नहीं बन सकी। यही वजह है कि CJP ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
‘इस्तीफा ही समाधान’ की मांग पर कायम CJP
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि केंद्र सरकार ने मुआवजे और कानूनी कार्रवाई जैसे मुद्दों पर सकारात्मक संकेत दिए हैं, लेकिन आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अब तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार आज की बैठक में भी इस मांग पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाती है, तो पार्टी आगे के आंदोलन की नई रणनीति तैयार करेगी। रंका ने दो टूक कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही इस आंदोलन का मुख्य मुद्दा है और इसी के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।
26 जून से जारी है आंदोलन
जानकारी के अनुसार CJP का आंदोलन 26 जून से लगातार जारी है। आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन, धरना और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए। पार्टी का दावा है कि उसे आम लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है।
सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन
इधर, आंदोलन के समर्थन में अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त कर दिया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उनका अनशन तुड़वाया गया।
हालांकि अनशन खत्म होने के बाद भी सोनम वांगचुक स्वास्थ्य कारणों से दिल्ली के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
आज की बैठक पर टिकी देश की नजरें
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आज होने वाली तीसरे दौर की वार्ता आंदोलन और सरकार दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या केंद्र सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई बड़ा फैसला लेती है या फिर CJP अपने आंदोलन को और तेज करने की घोषणा करती है।